Tuesday, 14 February 2017

सीता तो रावण की बेटी थी, लक्ष्मण और सीता के अवैध सम्बन्ध थे



कांग्रेस युवा पीढ़ी को ईसाई मिशिनरियों के इशारेऐसा घिनोना पाठ पढ़ा रही थी I सोनिया गाँधी समूल हिन्दू धर्म के नाश में लगी हुई थी !इसमें कोई शक नही होनी चाहिए की ये सोनिया गांधी जासूस है जो हिंदुत्व को ख़त्म करवाना चाहती है और अपने मिशन को पूरा करने के लिए ही राजीव को फसाया और शादी की , फिर इससे एक एक करके राजीव और माधवराव सिंधिया (ये भी इसका प्रेमी था) को षड़यंत्र करके मरवा दिया। ताकि देश के सर्वोच्च आसन पर बैठ कर सब कुछ बिना रोक टोक के कर सके।

नोट : हम भगवान् राम और माता सीता के बारे में ऐसी चीजे सुनना भी गवारा नहीं समझते, , क्योंकि हिन्दुओ को जागरूक होना ही होगा, वो जागरूक नहीं है इसलिए ये सेकूलर, कांग्रेस और वामपंथ आस्तित्व मे है !
2004 में अटल बिहारी वाजपेयी से सोनिया गाँधी को सत्ता मिली, प्रधानमंत्री भले मनमोहन था पर
असल सत्ता सोनिया गाँधी के पास ही थी, इन लोगों ने
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य जज भी ईसाई को बनाया, नाम था के जी बालाकृष्णन !
इन लोगों ने राम सेतु तोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया कि, राम तो थे ही नहीं, ये तो काल्पनिक पात्र है !
पर अब जो हम आपको इन घिनोने लोगों का कारनामा बताने जा रहे है, वो तो कम ही लोगों को पता होगा :-
दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2004 के बाद से पढ़ाया जा रहा था की, "सीता तो रावण की बेटी थी, लक्ष्मण और सीता के अवैध सम्बन्ध थे, हनुमान रात को दूसरों के कमरों में झांकता था"
जब हिन्दू कोर्ट गए, तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया, वहां भी तो ईसाई जज बैठा था !
कांग्रेस युवा पीढ़ी को ऐसा घिनोना पाठ पढ़ा रही थी , और ये सब ईसाई मिशिनरियों के इशारे पर किया जा रहा था, सोनिया गाँधी समूल हिन्दू धर्म के नाश में लगी हुई थी !
इसी दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक टीचर है जिसका नाम है उपिंदर सिंह, ये मनमोहन सिंह की बेटी है, इसने भी भगवान राम और सीता पर अभद्र किताब लिखी थी !
और ये भी न भूलिये की, 2012 आते आते सोनिया गाँधी, सांप्रदायिक अधिनियम बिल, नामक एक बिल भी ला रही थी, जिसमे हिन्दुओ को दंगाई घोषित करने का प्रावधान था, हिन्दू महिला का बलात्कार, बलात्कार ही नहीं माने जाना वाला था
साथ ही साथ ये लोग तो दुनिया को बता रहे थे की "हिन्दू आतंकवाद" भी होता है
इस कांग्रेस के बारे में पुरे देश को जागरूक करना हम सबका ही कर्तव्य है,


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