Monday, 27 February 2017

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

क्यों मनाया जाता है 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस?

आज 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है. भारत में आर्यभट्ट, चंद्रशेखर और वेंकट रमन जैसे कई वैज्ञानिक हुए, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया. विज्ञान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रलय द्वारा ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है.

अभी हाल ही में मशहूर वैज्ञानिक प्रोफेसर सी. एन. राव. को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया. 
28 फरवरी, 1928 को कोलकाता में भारतीय वैज्ञानिक प्रोफेसर चंद्रशेखर वेंकट रामन ने इस दिन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज की जिसे ‘रामन इफेक्ट’ के रूप में जाना जाता है.  सीवी रामन ने कणों की आणविक और परमाणविक संरचना का पता लगाया. उनके इस खोज के कारण ही 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला.

चंद्रशेखर वेंकट रमन, भारत के भौतिक विज्ञानी थे। सात नवंबर 1888 को पैदा हुए रमन को प्रकाश के विवर्तन का पता लगाने के लिए 1930 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस समय के मैसूर स्टेट में पैदा होने वाले सीवी रमन को 1954 में भारत का सबसे बड़ा सम्मान भारत रत्न दिया गया।
विज्ञान में हो रहे नये प्रयोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए देश में ‘साइंस सिटी’ भी बनाई गयी है. फिलहाल चार सांइंस सिटी, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद और कपूरथला में है. इसके अलावा देश के गुवाहटी और कोट्टयाम में भी इसका निर्माण हो रहा है. साइंस सिटी विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे प्रगति और क्रियाकलापों की प्रदर्शनी का केंद्र है. यहां विज्ञान से जुड़ी 3डी फिल्में भी दिखायी जाती हैं.राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करना और विज्ञान के क्षेत्र में नये प्रयोगों के लिए प्रेरित करना है.
वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए नेशनल साइंस कांग्रेस का आयोजन होता है. 2014 में 101वां नेशनल साइंस कांग्रेस जम्मू में दो से सात फरवरी तक आयोजित किया गया.

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