Wednesday, 8 February 2017

मुस्लिम लड़की सूफिया मस्तानी की बात 



आज हम आपको एक लेख पढ़ने जा रहे है वह एक मुस्लिम लडकी का है जिसका नाम सुफिया मस्तानी है देखिये वह अपने लेख द्वारा क्या बताना चाह रही है . वह कह रही है कि आप को गर्व होगा के आप ऐसे समाज का हिस्सा है जहाँ नारी को माँ दुर्गा के रूप में देखा जाता है न के मुस्लिम समाज की तरह सिर्फ भोग की वस्तु के रूप में देखा जाता है .
मुझे गर्व है कि मैं मुसलमान हूँ और इस्लाम मेरा मज़हब है लेकिन इस्लाम के नाम पर झूठ को स्वीकार करने की ताकत मुझ में नही है . अक्सर मुसलमानो को राम से और ईसाईयो को कृष्ण से बहुत जलन होती है . यदि खुदा 100 नबी भी भेजे तो वो एक राम की बराबरी नही कर सकते क्युकि मुहम्मद साहब ने 13 निकाह किये तो वही राम ने अपनी पत्नी के लिये रावण तक से युद्ध किया था .
अब कुछ लोग कहेंगे कि उन्होंने अग्नि परीक्षा ली तो इस पर मैं बताना चाहूंगी कि ये एक अन्धविश्वास है यदि राम के मन में कोई शक होता तो वो युद्ध करने का इतना जोखिम ही नही उठाते
कोई भी लड़की ऐसा पति ही चाहेगी जो उसे छोड़कर परायी स्त्री पर नज़र ना डाले न की मुहम्मद की तरह 12 सौतन लाए .श्री कृष्ण की बात करे तो ईसाईयो का उनसे नफरत का कारण है कि इंग्लैंड में इस्कॉन मंदिरो में बहुत सी ईसाई नन भी हिन्दू बनकर कृष्ण की हो गयी है .
सुफिया ने कहा कि आप किसी लड़की के सामने ईसा मसीह और कृष्ण को खड़ा कर दो तो लड़की आँख बंद करके कृष्ण के ही गले में वरमाला डालेगी क्योकि वो मानव समाज के असली हीरो है .
उन्होंने कहा कि मुहम्मद साहब ने अरब वालो को और ईसा मसीह ने यूरोप वालो को जीना सिखाया उसके लिये उनका आभार है लेकिन राम और कृष्ण की कोई बराबरी नही कर सकता . समाज इस बात को जितना जल्द स्वीकार कर ले ठीक है वरना झूठ में तो इतने सालों से जी ही रहे हैl

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