Friday, 24 February 2017

यह एक खास पत्ता चढाने से खुश होते हैं भगवान शिव

फल-फूल या पैसा नहीं, यह एक खास पत्ता चढाने से खुश होते हैं भगवान शिव

 भगवान शिव के पूजन में बेलपत्र का विशेष महत्व माना गया है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिव प्रसन्न होते हैं। यह भी माना जाता है कि भगवान शिव की उपासना बेलपत्र के बिना पूरी नहीं होती। आप वास्तव में देवों के देव महादेव की कृपा पाना चाहते हैं तो बेलपत्र के महत्व को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही एक पत्ता है जो उन्हें बेहद प्रिय है।
शिव को क्यों प्रिय है बेलपत्र
बेल के पेड़ की पत्तियों को बेलपत्र कहा जाता है। बेलपत्र की सबसे बडी खूबी ये है कि इसमें तीन पत्तियां एक साथ जुड़ी हुई होती हैं इसके बाजवूद भी इन्हें एक ही पत्ती माना जाता हैं। शिवजी की पूजा में बेलपत्र सब लोग करते हैं और इनके बिना शिव की उपासना सम्पूर्ण नहीं मानी जाती। लेकिन शिवजी की पूजा के साथ ही बेलपत्र में ऐसे औषधीय गुण होते हैं आप जानकर हैरान रह जाएंगे। बेलपत्र के प्रयोग से तमाम बीमारियां दूर हो सकती हैं।
शिव को ऐसे चढाएं बेलपत्र
ज्योति​षियों अनुसार आज जब भी भगवान शिव को बेलपत्र चढाएं कुछ बातों का ध्यान रखना अतिआवश्यक है। क्योंकि गलत तरीके से बेलपत्र चढाने से शिव अप्रसन्न भी हो सकते हैं।
—चढाये जाने वाले बेलपत्र में तीन पत्तियां होनी चाहिए
—पत्तियां कटी—फटी नही होनी चाहिए।
— शिव को बेलपत्र चिकनी ओर से ही चढाऐं
– यह भी विधान है कि तीन पत्तियों वाले एक ही बेलपत्र को जल से धोकर बार-बार भी चढ़ा सकते हैं।
– शिव जी को बेलपत्र चढाते समय जल की धारा भी चढ़ाएं।
– कभी भी बिना जल के बेलपत्र अर्पित नहीं करें।
शिव को क्यों प्यारा है बेलपत्र
हम आपको वदों  के अनुसार बता रहे हैं। बिल्व अर्थात् बेलपत्र वृक्ष की तासीर बहुत शीतल यानी ठंडी होती है। गर्मी की तपिश से बचने के लिए इसके फल का शर्बत यानी ज्याूस बड़ा ही लाभकारी होता है। यह शर्बत कुपचन, आंखों की रोशनी में कमी, पेट में कीड़े और लू लगने जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाला होता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। इसकी पत्तियों मे टैनिन, लोह, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे तत्व मौजूद होते हैंं। ऐसे में भगवान शिव को बेल पत्र चढाते समय आपके हाथों से ये पत्ते छते हैं तो आपको भी शारीरिक लाभ होता है।

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