शिवाजी महाराज का इतिहास
Maratha साम्राज्य के संस्थापक Chhtrapati Shivaji Maharaj History in Hindi | छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास , Shivaji Maharaj को Shivaji Raje नाम से भी जाना जाता है . Shivaji की वीरतायों की कहानियो से आज भी भारत का इतिहास भरा हुआ है
शिवाजी महाराज का इतिहास
नाम – शिवाजी भोसले Shivaji Bhosle .
जन्म – अप्रैल, १६२७ ( शिवनेरी दुर्ग पुणे )
पिता – शहाजी भोसले Shahji Bhosle.
माता – जीजाबाई Jijabai
पुत्र – संभाजी ( Sambhaji Maharaj ) , राजराम
जन्म – अप्रैल, १६२७ ( शिवनेरी दुर्ग पुणे )
पिता – शहाजी भोसले Shahji Bhosle.
माता – जीजाबाई Jijabai
पुत्र – संभाजी ( Sambhaji Maharaj ) , राजराम
मराठा राज्य के प्रथम शासक थे शिवाजी महाराज ( Shivaji Maharaj ) . शिवाजी का जन्म शिवनेर के दुर्ग में हुआ था . शिवाजी के पिता का नाम शाहजी भोंसले ( Shahji Maharaj ) और शिवाजी की माता का नाम जीजाबाई ( Jijabai )था . शाहजी भसले पहले अहमदनगर के निजाम थे और बाद में बीजापुर के दरबार में नौकरी करने लगे | शिवाजी के पालन पोषण का दायित्व पूरा उनकी माता जीजाबाई पर था | शिवाजी बचपन से ही बहुत साहसी थे | कहा जाता है उनकी माता बहुत धार्मिक प्रवर्ति की थी , जिनका प्रभाव भी शिवाजी पर पढ़ा | माता जीजाबाई बचपन में शिवानी को वीरता की कहानिया सुनाया करती , जिसका प्रब्भाव शिवाजी पर पढ़ | शिवाजी के गुरु थे स्वामी रामदास जिन्होंने शिवाजी की निर्भीकता , अन्याय से जूझने की सामर्थ्य और संगठनात्मक योगदान का विकास किया |
ShivajiRaje से Chhatrapati Shivaji Maharaj तक का सफर
शिवाजी राजे ( Shivaji Raje ) के कुछ बढे होने पर शाहजी ने शिवाजी को अपनी एक जागीर पुणे दे दी | शिवाजी बहुत साहसी थे और सोचते थे की वह दूसरे राजायो की सेवा क्यों करे . शिबवाजी का सपना था मराठो का अलग राज्य हो , इसी सपने को लेकर शिवाजी १८ साल की उम्र से ही सेना इकठा करने लगे . धीरे धीरे एक अलग मराठा राज्य बनाने के उद्देश्य से शिवाजी ने आस पास के छोटे छोटे राज्यो पर आक्रमण करना शुरू कर दिया और उन्हें जीत लिया | शिवाजी ने पुणे के आस पास के कई किलो को जीत लिया और नए किलों का निर्माण भी कराया जैसे ‘ रायगढ़ का किला ‘
शिवाजी को स्वत्रंत राज्य की स्थापना करने में दक्षिण में बीजापुर और अहमदाबाद के सुल्तान और Delhiमें मुग़ल बादशाह से संघर्ष करना पढ़ा |
शिवाजी को स्वत्रंत राज्य की स्थापना करने में दक्षिण में बीजापुर और अहमदाबाद के सुल्तान और Delhiमें मुग़ल बादशाह से संघर्ष करना पढ़ा |
शिवाजी Shivaji Maharaj को मारने के लिए बीजापुर के सुल्तान ने अपने प्रमुख सेनापति अफजल को एक विशाल सेना के साथ पुणे की तरफ भेजा | अफजल खान ने शिवाजी को मारने के लिए चालाकी से उन्हें अपने तम्बू में संधि करने बुलाया | शिवाजी अपने कुछ सिपाहियों के साथ अफजल से मिलने गए | उसने जैसे ही शिवाजी को मारने के लिए कंजर उठाया शिवाजी ने उसे एक ही वार में मर गिराया | उधर दिल्ली में औरंगजेब भी शिवाजी को अपने राज्य के लिए खतरे की तरह देखने लगा | औरंगजेब ने शिवाजी Shivaji Maharaj को मारने के लिए सूबेदार शाहिस्ता खान को भेजा | शिवाजी ने उसे भी परास्त कर दिया |
उसके बाद औरंगजेब Aurangjeb ने जयसिंह को शिवाजी के पास भेजा | जयसिंह के समझने परMaharaj Shivaji औरंगजेब से संधि करने औरंगजेब के दरवार में आ गए |वहां शिवाजी के स्वत्रंत व्यवहार से औरंगजेब असंतुष्ट हो गया और उसने शिवाजी को कैद कर दिया | Shivaji कुछ समय बाद औरंगजेब की कैद से योजना बनाकर निकल गए | इसके बाद १६७० में सूरत पर आक्रमण करके उन्होंने बहुत सी संपत्ति इक्कठी कर ली | शिवाजी का रायगढ़ में पंडित गंगाभट्ट द्वारा राज्याभिषेक हुआ और शिवाजी , Chhtrapati Shivaji Maharaj हो गए | शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के कुछ दिन बाद ही उनकी माता Jijabai का देहांत हो गया | Shivaji का राज्य उत्तर में रामनगर से लेकर दक्षिण में कारवार तक फ़ैल गया | शिवाजी ने अपने गुरु की चरण पादुका रखकर शासन किया और अपने गुरु के नाम पर ही सिक्के बनवाये | १९८० में शिवाजी महाराज का देहांत हो गया |
शिवाजी की शासन प्रणाली शिवाजी महाराज j एक कुशल शासक, योग्य सेनापति थे , शिवाजी ने अपनी योग्यता के बल पर मराठो को संगठित करके अलग मराठा साम्राज्य की स्थापना की .
शिवाजी ने अपनी राज्य व्यवस्था के लिए 8 मंत्री नियुक्त किये | उन्हें अष्ट प्रधान खा जाता था | जिसमे पेशवा का पद सबसे महत्वपूर्ण होता था
साम्राज्य की सुरक्षा के लिए शिवाजी ने एक अनुशासित सेना बनायीं जिन्हें नगद वेतन भी दिया जाता था | अर उन्होंने एक जहाजी बेडा भी बनाया इसलिए शिवाजी को आधुनिक नौ सेना का जनक भी कहा जाता है | शिवाजी छापामार युद्ध प्रडाली का प्रयोग करते | मराठा राज्य की आय का मुख्य स्रोत्र था भूमि कर|
मराठा प्रणाली के अष्ट प्रधान
1. पेशवा (प्रधानमंत्री )
2.अमात्य ( मजूमदार )
3.मंत्री
4.सचिव
5.सुमंत
6.सेनापति
7.पंडित राव
8.न्यायधीश
शिवाजी ने अपनी राज्य व्यवस्था के लिए 8 मंत्री नियुक्त किये | उन्हें अष्ट प्रधान खा जाता था | जिसमे पेशवा का पद सबसे महत्वपूर्ण होता था
साम्राज्य की सुरक्षा के लिए शिवाजी ने एक अनुशासित सेना बनायीं जिन्हें नगद वेतन भी दिया जाता था | अर उन्होंने एक जहाजी बेडा भी बनाया इसलिए शिवाजी को आधुनिक नौ सेना का जनक भी कहा जाता है | शिवाजी छापामार युद्ध प्रडाली का प्रयोग करते | मराठा राज्य की आय का मुख्य स्रोत्र था भूमि कर|
मराठा प्रणाली के अष्ट प्रधान
1. पेशवा (प्रधानमंत्री )
2.अमात्य ( मजूमदार )
3.मंत्री
4.सचिव
5.सुमंत
6.सेनापति
7.पंडित राव
8.न्यायधीश
शिवाजी महाराज के उत्तारधिकारी
शिवाजी महाराज के पौत्र शाहू ने एक ब्राह्मण बालाजी विश्वनाथ को अपना पेशवा नियुक्त किया | बालाजी विश्वनाथ ही राज्य की सभी व्यव्श्था देखते थे | बालाजी विश्वनाथ ने अपनी योग्यता और कुशलता के बल पर मराठा शासन को मजबूत बनाया . उन्होंने मुग़ल शासक मोह्हमद शाह रंगीला से दक्षिण इलाके से चौथे और सरदेशमुखी कर बसूलना शुरू कर दिया | और उन सब इलाको पर पुनः अधिकार कर लिया जिसे मुगलो ने अपने अधिकार में ले लिया था | सैनिक और आर्थिक दृस्टि से मराठो ने अपनी शक्ति बढ़ा ली अब वह मुग़ल सेना का सामना भली भाटी कर सकते थे | मुगलो के साथ युद्ध करने में मराठो ने छापामार प्रणाली अपनायी .
बालाजी विश्वनाथ के बाद उनका पुत्र बाजीराव ( Peshwa Bajirao )प्रथम को पेशवा के पद पर नियुक्त किया गया | बाजीराव एक कुशल सेनापति व उच्च कोटि का कूटनीतिज्ञ थे | बाजीराव प्रथम के बाद बाजीराव के पुत्र बाजीराव द्वितीय को पेशवा बनाया गया
बाजीराव द्वितीय का अफगानिस्तान के शासक अब्दाली से पानीपत में युद्ध हुआ | इस युद्ध में मराठाओ की हर हुई | और मराठा साम्राज्य का पतन हुआ |
बालाजी विश्वनाथ के बाद उनका पुत्र बाजीराव ( Peshwa Bajirao )प्रथम को पेशवा के पद पर नियुक्त किया गया | बाजीराव एक कुशल सेनापति व उच्च कोटि का कूटनीतिज्ञ थे | बाजीराव प्रथम के बाद बाजीराव के पुत्र बाजीराव द्वितीय को पेशवा बनाया गया
बाजीराव द्वितीय का अफगानिस्तान के शासक अब्दाली से पानीपत में युद्ध हुआ | इस युद्ध में मराठाओ की हर हुई | और मराठा साम्राज्य का पतन हुआ |
शिवाजी महाराज की विशेषता
1. अच्छी संगठन शक्ति का होना ( Good Organizer )
शिवाजी ने बिक्री हुए मराठाओ को इक्कठा करके उनकी शक्ति को एक जुट कर एक महान मराठा राज्य की स्थापना की
शिवाजी ने बिक्री हुए मराठाओ को इक्कठा करके उनकी शक्ति को एक जुट कर एक महान मराठा राज्य की स्थापना की
2. वीर सैनिक ( Brave Soldier )
शिवाजी जैसे वीर भारत देश में बहुत कम हुए हैं , आज भी उनकी वीरता की कहानियो लोगो के उत्साह को बढ़ा देती हैं
शिवाजी जैसे वीर भारत देश में बहुत कम हुए हैं , आज भी उनकी वीरता की कहानियो लोगो के उत्साह को बढ़ा देती हैं
3. महान मार्गदर्शक (* Good Leader )
शिवाजी ने मुगलो के राज्य में हिन्दू साम्राज्य स्थापित करने वाले एक मात्र राजा थे , उन्होंने केवल मराठाओ को ही नहीं वल्कि सभी भारतवासियो को भी नयी दिशा दिखाई
शिवाजी ने मुगलो के राज्य में हिन्दू साम्राज्य स्थापित करने वाले एक मात्र राजा थे , उन्होंने केवल मराठाओ को ही नहीं वल्कि सभी भारतवासियो को भी नयी दिशा दिखाई
4.आज्ञाकारी पुत्र और शिष्य ( Obedient Son )
कहा जाता है शिवाजी अपनी माता की हर आज्ञा का पालन करते थे
कहा जाता है शिवाजी अपनी माता की हर आज्ञा का पालन करते थे


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