Tuesday, 21 March 2017

सबसे पहले नगा विद्रोही थे जो चीन के संपर्क में दिसंबर 1966 में आये थे


आतंक पालता चीन . भारत में उठी आवाज - बहिष्कार हो
1960 से ही चीन कर रहा है भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय आतंकी संगठनों की मदद. ---- CIA , अमेरिका 


अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के दस्तावेजों से एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि भारत को अशांत और अस्थिर करने के उद्देश्य से चीन 1960 से ही भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों की मदद कर रहा है ... असम ट्रिब्यून की खबर के अनुसार चीन के संपर्क में आने वाले सबसे पहले नगा विद्रोही थे जो चीन के संपर्क में दिसंबर 1966 में आये थे . CIA रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पहले दस्ते में लगभग 200 नगा विद्रोही सीमा पार कर के उत्तरी म्यंमार के युन्नान नामक स्थान पर हथियारों की ट्रेनिंग लेने गए थे. ज्ञात हो कि भारत अपने पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ते आतंकवाद को ले कर सदा चिंतित रहा है और चीन कभी आर्थिक तो कभी सैन्य शक्ति दिखा कर भारत को अस्थिर करने कि कोशिश करता रहता है. हद तो तब हुई जब चीन ने भारत विरोधी के ही चलते पाकिस्तान जैसे आतंकवाद पोषक देश से मित्रत्रा कर ली और अंतराष्ट्रीय मंचों पर मसूद अजहर जैसे दुर्दान्त आतंकियों के समर्थन में खुल कर खड़ा हो गया . विशेषज्ञ बताते हैं कि पूर्वोत्तर में भारत की नयी सरकार द्ववार की गयी सख्ती से पस्त होते चीन का पाकिस्तान प्रेम पश्चिम में आतंक का नया द्वार खोलने का एक नया पैतरा हैं. 





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