Tuesday, 28 March 2017

सैफुल्लाह इनकाउंटर के बाद यूपी एटीएस को कुछ दस्तावेज मिले थे, जिसमें बाराबंकी की दरगाह सहित लखनऊ और प्रदेश में कई जगह आतंकी घटना को अंजाम दिए जाने की योजना का खुलासा हुआ था

मास्टरमाइंड गौस मोहम्मद को लेकर एनआइए पहुंची कानपुर, एटीएस ने बाराबंकी में की जांच

सैफुल्लाह इनकाउंटर सहित यूपी में कथित आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल के पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों की जांच कर रही एनआइए टीम ने मंगलवार को कानपुर पहुंची. यहां टीम के साथ मास्टरमाइंड गौस मोहम्मद भी था. टीम ने संदिग्ध आतंकियों के ठिकाने आदि की जांच की और कई सबूत इकट्ठा किए.
गौस मोहम्मद को यूपी एटीएस और यूपी एसटीएफ की टीम ने 9 मार्च को लखनऊ से गिरफ्तार किया था. गौस मोहम्मद खान उर्फ जीएम खान इस पूरे ग्रुप का मास्टरमाइंड बताया जा रहा था.पता चला कि 15 साल वायुसेना में काम कर चुका है. उसे अंकल भी कहते हैं. गौस मोहम्मद माड्यूल के सदस्यों को प्रेरित करने का कार्य करता था. वह रायबरेली का निवासी है. पिछले तीन सालों से वह लखनऊ के बालागंज में रस्तोगी नगर में रह रहा था.
सैफुल्लाह को कमरा दिलाने और अन्य सामान उपलब्ध कराने में वह मदद करता रहा. यह भी पता चला कि गौस मोहम्मद नौकरी के बहाने सऊदी अरब में भी रह चुका है. यही नहीं कर्नाटक और नेपाल में भी इसने कई नौजवानों से संपर्क किया और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा. गौस मोहम्मद का नाम पूरे ग्रुप के मास्टरमाइंड के तौर पर उभरकर सामने आया है.
उधर सैफुल्लाह इनकाउंटर के बाद मिली जानकारी के आधार पर बाराबंकी के देवा शरीफ दरगाह में यूपी एटीएस का कमांडो दस्ता पहुंचा. यहां एटीएस टीम ने दरगाह के आस-पास एटीएस का चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान लोकल पुलिस के माध्यम से संदिग्धों की तलाश में गेस्ट हाउस और होटलों की चेकिंग की गई.
गौरतलब है कि सैफुल्लाह इनकाउंटर के बाद यूपी एटीएस को कुछ दस्तावेज मिले थे, जिसमें बाराबंकी की दरगाह सहित लखनऊ और प्रदेश में कई जगह आतंकी घटना को अंजाम दिए जाने की योजना का खुलासा हुआ था. बाद में एनआईए की जांच में भी गिरफ्तार आतंकियों से यही खुलासा हुआ था.

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