Wednesday, 29 March 2017

कविता ने पत्रकार के ट्वीट को जेएनयू विवाद के बाद वहां कंडोम की मिलने और उसकी संख्या बताने से जोड़ दिया।

योगी आदित्यनाथ की गौशाला में गाय की संख्या बताने पर कविता कृष्णन ने पत्रकार पर किया ट्वीट, लिखा- कंडोम गिनने से बेहतर 


कविता ने पत्रकार के ट्वीट को जेएनयू विवाद के बाद वहां कंडोम की मिलने और उसकी संख्या बताने से जोड़ दिया।

योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से मीडिया उनसे जुड़ी छोटी-छोटी खबरें भी दिखा रहा है। पिछले दिनों जब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे थे तो उनके साथ पत्रकारों की भी एक दल भी गया था। योगी की दिनचर्या में गौसेवा भी शामिल है।  उसी को कवर करने गए कई पत्रकार उनकी गौशाला भी पहुंच गए। आजतक से जुड़े एक पत्रकार गौरव सावंत ने इस विषय पर एक ट्वीट करते हुए लिखा, “गोरक्षापीठ की गौशाला में 350 से भी ज्यादा गाय हैं। जब वह उन्हें गुड़ खिलाने पहुंचते हैं तो कई बछड़े उनकी ओर दौड़ पड़ते हैं।” उनके इस ट्वीट पर कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। कुछ ने उन्हें केआरके, भक्त और यहां तक कि चाटुकार भी बता दिया। इतना ही नहीं, कुछ ने तो उन्हें पत्रकार मानने से ही इनकार कर दिया। लेकिन कम्युनिस्ट नेता कविता कृष्णन ने इसे जेएनयू विवाद के बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा के जेएनयू में कंडोम मिलने और उनकी संख्या बताने के बयान से जोड़ दिया। ट्विट में कविता ने लिखा,”गौरव सावंत और योगी आदित्यनाथ दोनों ही गाय के फैन हैं। गाय गिनना कंडोम गिनने से बेहतर है, यही एक अन्य भगवा समर्थक ने किया था।”
यह कहा था ज्ञानदेव ने : दरअसल जेएनयू विवाद के समय राजस्‍थान के बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने बयान दिया था कि इस संस्थान में हर रोज हजारों कंडोम और बीयर की बोतलें मिलती हैं, हर रोज रेप होते हैं। यह आप‍राधिक गतिविधियों का अड्डा है। आहूजा ने कहा कहा था कि 50 हजार हडि्डयां, तीन हजार इस्तेमाल किए हुए कंडोम, 500 गर्भपात के इंजेक्शन, दस हजार सिगरेट के टुकड़े हर रोज यूनिवर्सिटी परिसर में मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र प्रोग्राम्स के दौरान न्यूड डांस करते हैं। इसी को कविता ने योगी आदित्यनाथ की गाय गिनने से जोड़ दिया।

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