Tuesday, 21 March 2017

पाकिस्तान सरकार ने फेसबुक से अनुरोध किया है कि वो पाकिस्तान के अंदर दिखने वाली सोशल मीडिया से इस्लाम के खिलाफ डाली गयी हर आपत्तिजनक टिपण्णी हटाये .

पाकिस्तान में हैं लगभग 40 बंदी मौत की कतार में जिन पर है इस्लाम के अपमान का आरोप
वो पाकिस्तान जहाँ ना शिया सुरक्षित है , वो पाकिस्तान जहां ना हिन्दू सुरक्षित है, वो पाकिस्तान जहाँ ईसाई जी पा रहा, वो पाकिस्तान जहाँ यहूदियों की इंट्री है बैन, वही पाकिस्तान निकल पड़ा है पूरी दुनिया में ईश निंदा रोकने के अभियान पर  .. पर उसकी सम्मान दिलाने वाली लिस्ट में ना हिन्दू हैं , ना यहूदी हैं , ना ईसाई हैं,  ना पारसी हैं , ना ही कोई भी अन्य पंथ , मत , मज़हब हैं   .. उस पाकिस्तान की सम्मान दिलाने की लिस्ट में सिर्फ और सिर्फ  मुसलमान और इस्लाम हैं  ....  पाकिस्तान सरकार ने फेसबुक से अनुरोध किया है कि वो  पाकिस्तान के अंदर दिखने वाली सोशल मीडिया से इस्लाम के खिलाफ डाली गयी हर आपत्तिजनक टिपण्णी हटाये .. पाकिस्तान ने ये भी कहा कि वह पूरी दुनिया की अगुवाई करना चाहता है इस्लाम के खिलाफ दुष्प्रचार बंद करवाने के लिए  ..  यहां ये जानना जरूरी है कि पाकिस्तान में लगभग 40 बन्दी जेलों में ऐसे पड़े हैं जिन्हें मौत की सज़ा दी गयी है इस्लाम के अपमान के अपराध में .. इन 40 बंदियों में एक भी ऐसा नहीं है जिसे हिंदुत्व या ईसाईयत के अपराध में सज़ा मिली हो  ....   40 फांसियों का ये आंकड़ा स्वयं में साबित करता है पाकिस्तान के एकतरफा व्यवहार का  ...  ईशनिंदा का ये पाकिस्तानी क़ानून अक्सर कट्टरपंथियों के हाथ का खिलौना बन कर रह जाता है जब वो जिसे भी चाहते हैं उसे सरकारी मदद से या तो मौत दिला देते हैं या उसे देश से निकल कर भागने पर मजबूर कर देते हैं  ... यदि पाकिस्तान के इस दुरुपयोगों क़ानून का सच्चा सार निकाला जाय तो यह पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए मौत की दहशत फैलाने वाले कानूनी हथियार से ज्यादा कुछ नहीं है  भारत के अंदर अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करने वाले कुछ बुद्धिजीवी व् असहिष्णुता का आरोप लगाने वाले कुछ ातथाकथित स्टार कृपया इन आंकड़ों पर ध्यान दें और अपने भारत की परिपाटी पर गर्व करें जहाँ हर पन्थ , मजहब को आत्मसात करते हुए उन्हें एक साथ ले कर चलने की प्रथा है. 

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