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Thursday, 23 March 2017

CRPF ने इस घटना के बाद अपने जवानों को सतर्क कर दिया है. किसी भी पीड़ित इंसान पर सीधे भरोसा ना करने की जवानों को हिदायत दी गई है.

सुकमा अटैक में खुलासा, एक महिला के झांसे में आ गए थे CRPF के शहीद 12 जवान

छत्तीसगढ़ के सुकमा में CRPF के एक दर्जन जवानों की शहादत की असली वजह का खुलासा हुआ है. इस खुलासे से CRPF हैरत में है. उसके अफसर इस बात को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं कि जंगल के भीतर किसी पीड़ित की सहायता करना उनके लिए अब मुनासिफ होगा या नहीं. खासतौर पर किसी पीड़ित महिला की पुकार सुनना उन पर भारी ना पड़ जाए. फिलहाल CRPF और राज्य की पुलिस उस अज्ञात महिला की खोजबीन में जुटी है, जिसका हुलिया कुछ इस प्रकार है.- उम्र बीस से पच्चीस वर्ष के बीच. रंग सावला , लंबे घने बाल , माथे पर बड़ी बिंदी , कानों में झुमका और भाषाई तौर पर साफ़ हिंदी बोलने वाली.इसी माह 11 मार्च को नक्सलियों ने बड़ी चालाकी के साथ CRPF के जवानों की घेराबंदी की थी. इस मुठभेड़ में CRPF की 219 बटालियन के कुल बारह जवान शहीद हुए थे. जबकि आधा दर्जन जवान बुरी तरह से घायल. घटनास्थल का मुआयना करने के लिए CRPF के आई. जी देवेंद्र सिंह चौहान ने ग्राउंड जीरो का रुख किया था. इसके अलावा चौहान ने दो दर्जन से ज्यादा गांव में नक्सलवाद की जड़े टटोली.
संदिग्ध महिला की जोर-शोर से तलाश छत्तीसगढ़ पुलिस और CRPF की टीम उस महिला की तलाश में जंगलों की खाक छान रही है. जिसने CRPF के जवानों को फंसाने के लिए मत्वपूर्ण किरदार निभाया. बताया जा रहा है कि जब रोड ओपनिंग पार्टी अपनी नियमित गश्त पर थी और वो सड़क पर एक खास क्रम में अपने कदम आगे बढ़ा रही थी. तभी जंगल के एक छोर में चीखते चिल्लाते यह संदिग्ध महिला जवानों की ओर आई. उसने सड़क के दूसरे ओर हाथों से इशारा करते हुए कहा कि वहां मौजूद कुछ लोग उसके साथ जोर जबरदस्ती कर रहे हैं.
जवान इस पीड़ित महिला पर भरोसा कर बैठे. कुछ जवानों ने अपना क्रम तोड़ते हुए उस ओर रुख कर लिया जहां वह महिला बदमाशों के होने का दावा कर रही थी. ये जवान इस बात से बेखबर थे कि वहां नक्सली अपनी पोजीशन लिए हुए है. इसी दौरान उस महिला ने एक जवान की रायफल को तेजी से जमीन की ओर झुकाया. इसके साथ ही CRPF के जवानों पर नक्सलियों ने ताबड़तोड़ हमले कर दिए. तीन जवानों के शरीर पर धारदार हथियार से वार किया गया. ये जवान इससे पहले कि संभल पाते नक्सलिओं ने उनका सीना गोलियों से छलनी कर दिया. अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि बीस-पच्चीस साल की यह महिला पेशेवर नक्सली ना होकर कोई सामान्य महिला थी.
सुरक्षाबलों को किया गया सतर्क 
CRPF ने इस घटना के बाद अपने जवानों को सतर्क कर दिया है. किसी भी पीड़ित इंसान पर सीधे भरोसा ना करने की जवानों को हिदायत दी गई है. बस्तर के कोर एरिया में खासतौर पर सुकमा , दंतेवाड़ा ,बीजापुर और नारायणपुर में CRPF की तैनाती है जबकि शेष प्रभावित इलाक़ो में BSF , ITBP और CISF ने मोर्चा संभाला हुआ है.

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