Tuesday, 28 March 2017

'महिलाओं का सम्मान करता है हिंदू धर्म'

तीन तलाक नहीं था कुबूल, हिंदू लड़के के साथ लिए सात फेरे

मुस्लिम धर्मगुरू और पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक को खत्म करने का विरोध कर रहा है. लेकिन मुस्लिम समाज की कुछ लड़कियां इस बंदिश को तोड़ने के लिए नई हदें भी पार कर रही हैं. जोधपुर से करीब 150 किलोमीटर दूर फलोदी कस्बे में एक ऐसा ही मामला सामने आया है.
तीन तलाक के विरोध में शादी 
यहां तस्लीमा नाम की एक लड़की ने तीन तलाक को कुरीति मानते हुए एक हिंदू लड़के से ब्याह रचा लिया. दोनों पति-पत्नी ने मंदिर में शादी की रस्में पूरी कीं. ये अनोखी शादी पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग दूर से इस जोड़े को देखने आ रहे हैं.
'महिलाओं का सम्मान करता है हिंदू धर्म' 
शादी के बाद तस्लीमा ने हिंदू धर्म को महिलाओं का सम्मान करने वाला धर्म बताया. वो मानती हैं कि धर्म पत्नी के अलावा दूसरी महिलाओं को बहन-बेटी की नजर से देखना सिखाता है. वहीं मुस्लिम समाज में कई शादियों की इजाजत है और रिश्ता पक्के करते वक्त लड़की से पूछा भी नहीं जाता.

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