Follow Me On Facebook

Tuesday, 21 March 2017

नई सरकार के गठन के बाद भी पदों से इस्तीफा नहीं देने वाले अखिलेश यादव सरकार के सलाहकारों और उपाध्यक्षों को पद से बर्खास्त कर दिया गया है

नई सरकार के गठन के बाद भी पदों से इस्तीफा नहीं देने वाले अखिलेश यादव सरकार के सलाहकारों और उपाध्यक्षों को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। यादव सरकार ने 80 से अधिक कार्यकर्ताओं को विभिन्न विभागों में सलाहकार, उपाध्यक्ष आदि नियुक्त कर रखा था। सत्रहवीं विधानसभा के चुनाव में भाजपा को बहुमत के बाद बाद इनमें से तकरीबन 20 लोगों ने पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर से की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व सरकार में विभिन्न विभागों,सार्वजनिक निगमों, परिषदों, समितियों में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नियुक्तगैर सरकारी सलाहकारों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ऐसे लोगों को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने कृषि उत्पादन आयुक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, आयुक्त समाज कल्याण, अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों को निर्देश दिये हैं कि सरकार के फैसले का पालन सुनिश्चित कराया जाए। ध्यान रहे, अखिलेश यादव सरकार ने 80 से अधिक लोगों को विभिन्न विभागों में सलाहकार, उपाध्यक्ष, परिषदों में सदस्य नामित कर रखा था। विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद उर्दू अकादमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी, भाषा संस्थान के अध्यक्ष गोपाल दास नीरज, हिन्दी संस्थान के अध्यक्ष उदय प्रताप समेत 20 से अधिक लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। मगर, 60 से अधिक लोगों ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया था। सरकार ने इन सभी को उनके पदों से बर्खास्त कर दिया है।

No comments:

Post a Comment