Tuesday, 28 March 2017

हाजी आरिफ ने कत्लखाने बंद करने के भाजपा सरकार के आदेश पर भाजपा विधायकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक हत्या की खुली धमकी दे डाली. Read more at: http://www.sudarshannews.com/category/state/uphajiarifthreatbjpleaders-623

कत्लखाने बंद करने वाले भाजपा विधायको का करूंगा क़त्ल - हाज़ी आरिफ़ , बुलंदशहर
तुष्टिकरण ने किस कदर एक वर्ग विशेष को बढ़ावा दे रखा था इसका जीवन्त उदाहरण तब देखने को मिला जब कभी समाजवादी पार्टी के टिकट पर प्रधानी का चुनाव जीत एक गौ तस्कर हाजी आरिफ ने कत्लखाने बंद करने के भाजपा सरकार के आदेश पर भाजपा विधायकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक हत्या की खुली धमकी दे डाली. बुलंदशहर के भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अवैध बूचड़खाने सील करने के शासकीय आदेश के अनुपालन हेतु जिलाधिकारी बुलंदशहर को पत्र लिखा जिस पर तत्काल कार्यवाही भी हुई और शहर के तमाम अवैध बूचड़खानों को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी . शासन की इस प्रक्रिया से झल्लाये हुए वांछित गौ तस्कर व् गौकशी के अनेक मामलों में फरार हिस्ट्रीशीटर हाजी आरिफ ने खुलेआम भाजपा विधायक को पत्र लिख कर भाजपा विधायको व् कार्यकर्ताओं के हत्या की धमकी दे डाली. पत्र में लिखा कि कभी भी भाजपा नेताओं की हत्या शुरू हो सकती है . खुर्जा के शेखपेन का रहने वाला हाजी आरिफ हसनगढ़ का प्रधान है . उसे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में कट्टर मुस्लिम चेहरे के राजनेता माने जाने वाले आज़म खान का करीबी कहा जाता है . एक समय आज़म खान के साथ उसकी फोटो उसने खुद शहर भर में होर्डिंग के साथ लगवा दी थी पर आज़म खान ने उसे अपने रिश्ते गुप्त रखने के लिए समय रहते उतरवा दिया था.  एस पी सिटी ने बताया कि ऐसे गंभीर जुर्रत करने वाले हाजी आरिफ को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुचाया जाएगा , उन्होंने बताया कि पुलिस की तरफ से पहले से ही इस फरार हिस्ट्रीशीटर पर 5 हजार का इनाम घोषित है . साथ ही पुलिस सूत्रों ने बताया कि हाजी आरिफ 5 विभिन्न मामलों में फरार चल रहा है जिसमे गौ तस्करी , गौ वध व् नशीले पदार्थों का कारोबार भी शामिल है .  गम्भीर प्रश्न ये भी है कि इतने सालों से फरार चल रहे ऐसे गंभीर और बेहद दुर्दान्त अपराधी को पिछली सरकार ने क्यों नहीं गिरफ्तार किया ? क्या आज़म खान के साथ उसकी फोटो का असर था या तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में प्रदेश कल्याण की बलि ?

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