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Saturday, 25 March 2017

CM त्रिवेंद्र ने आते ही किया NH घोटाले का पर्दाफाश, 7 बड़े अधिकारी निलंबित,

CM त्रिवेंद्र ने आते ही किया NH घोटाले का पर्दाफाश, 7 बड़े अधिकारी निलंबित, होगी CBI जांच कुमाऊं कमिश्नर की जांच में हुआ खुलासा


राज्य को 240 करोड़ रुपयों का घाटा
सीएम ने बताया कि साल 2011 से लेकर 2016 तक जिस कृषि भूमि को सरकार ने अधिग्रहण किया है उसमें लगभग 240 करोड़ रुपये का राज्य को घाटा हुआ है। सीएम ने फ़ौरन इस बड़े घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने कहा कि ये सिर्फ अभी शुरुआती दौर की जांच में सामने आया है कि 240 करोड़ रुपये सरकारी अधिकारियो द्वारा मानकों को ताक पर रख कर उड़ाए गए हैं, अब इस मामले में और भी परतें खुलनी बाकी हैं।
कई बड़े अधिकारी शामिल
सीएम ने कहा है कि इस मामले में कई तहसीलों से लेकर रजिस्ट्रार स्तर और उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही कई ऐसे भी विभाग हैं जो राज्य सरकार के अधीन नहीं आते हैं इसलिए इस मामले की जांच सरकार सीबीआई से कराने जा रही है। सीएम त्रिवेंद्र ने कहा है कि हम चाहते है कि अंतिम दोषी तक सीबीआई पहुंचे। फिर चाहे इसमें कोई राजनेता हो या बड़ा अधिकारी।
 पूरे एक्शन में दिखे सीएम रावत ने बताया कि जिस भूमि पर मुवावजा दिया गया है वो कृषि भूमि नहीं बल्कि अकृषि भूमि है। हैरानी की बात ये है कि सरकारी अधिकारियों ने भूमि का कई बार लेंड चेंज भी करवाया है। 
कृषि भूमि को अकृषि भूमि बताया गया
इस दौरान त्रिवेंद्र पन्ने पलटते रहे और इस घोटाले से जुड़ी सरकारी गड़बड़ियां उजागर करते रहे। सीएम ने बताया कि उधम सिंह नगर में कृषि भूमि को अकृषि दर्शाकर उस भूमि पर 20 गुना मुआवजा दिया गया है। सीएम ने कहा कि इससे बड़ा कोई अपराध नहीं हो सकता कि जिन लोगों को पहले मुआवजा दिया जाना था उनको दिया ही नहीं गया।
कुमाऊं कमिश्नर की जांच में हुआ खुलासा
इस मामले की जांच अबतक कुमाऊं कमिश्नर सेंथिल पंड्या कर रहे थे जिसमें ये सब सामने आया है। सीएम ने बताया कि इस मामले में अभी और बड़ी कर्रवाई होनी है। इसमें मुख्य रूप से जसपुर, बाजपुर, सितारगंज से 18 मामले सामने आये हैं। इन मामलों की संख्या अभी और अधिक हो सकती है। सीएम ने कहा कि जांच में जो सामने आया है उसमें लग रहा है कि पूरा गिरोह इसपर काम कर रहा था।
फ़िलहाल सीएम ने 7 बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया है-
  1. दिनेश प्रताप सिंह - विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
  2. अनिल कुमार शुक्ला - विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
  3. सुरेंद्र सिंह जंगपांगी - उपजिलाधिकारी
  4. जगदीश लाल - उपजिलाधिकारी
  5. भगत सिंह पोनियां- उपजिलाधिकारी
  6. एनएस नगन्याल- उपजिलाधिकारी
  7. हिमालय सिंह- सेवानिवृत्त उपजिलाधिकारी
  8. सीएम ने कहा है कि ये तो केवल शुरुआत है। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्म युद्ध लड़ने जा रहे हैं।

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