Sunday, 26 March 2017

सीबीआई ने शनिवार को मामला दर्ज किया। आरोपियों में सिंडीकेट बैंक के दो सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) और दो मुख्य प्रबंधकों के नाम शामिल हैं। बैंक अधिकारियों में एके तिवारी, आदर्श मनचंदा (एजीएम), संतोष गुप्ता और देशराज मीणा (मुख्य प्रबंधक) की संलिप्तता सामने आई है।

सिंडिकेट बैंक को 209 करोड़ का लगा चूना, धोखाधड़ी के आरोप में 4 पूर्व बैंक कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज

नई दिल्ली : सीबीआई ने सिंडिकेट बैंक को 209 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामल में बैंक के ही चार सीनियर अधिकारियों और जयपुर के एक बिल्डर के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने सिंडिकेट बैंक से मिली शिकायत के बाद इन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने के लिए भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार-रोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने शनिवार को मामला दर्ज किया। आरोपियों में सिंडीकेट बैंक के दो सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) और दो मुख्य प्रबंधकों के नाम शामिल हैं। बैंक अधिकारियों में एके तिवारी, आदर्श मनचंदा (एजीएम), संतोष गुप्ता और देशराज मीणा (मुख्य प्रबंधक) की संलिप्तता सामने आई है। एक अधिकरी ने बताया कि एफआईआर में एक चार्टेड अकाउंटेंट भारत बम, उनके बहनोई पवित्र कोठारी और दो अन्य बम कर्मचारियों का भी नाम शामिल है। जयपुर में वर्ल्ड ट्रेड पार्क को बनाने वाले बिल्डर अनूप भाटिया और शंकल लाल खंडेलवाल इस केस के अन्य आरोपी हैं। सीबीआई प्रवक्ता आर. के. गौर ने कहा कि बैंक का आरोप है कि पूर्व कर्मचारियों की धोखाधड़ी से उसे 209 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। आरोपियों ने मिलीभगत कर जयपुर और उदयपुर स्थित बैंक की दो शाखाओं से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर गृह ऋण और अन्य कर्ज दिए। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट बैंक द्वारा जारी की गई धनराशि को धोखाधड़ी कर आरोपी व्यक्तियों की कंपनियों को दे दिया गया, जिससे बैंक को घाटा हुआ।



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